जटाशंकर धाम छतरपुर का एक प्रमुख स्थल है जो बुन्देल खंड के लोगो का धार्मिक स्थल के नाम से जाना जाता है यहाँ पर शिव जी
Reasoning : 1 Alphabet वर्णमाला
2 Coding सांकेतिक भाषा
3 Blood Relation रक्त सम्बन्ध
5 Ranking क्रम
6 Sitting Arrangement बैठकी व्यवस्थीकरण
7 Data Sufficiency कथन याथेष्ठता
8 Puzzles पज़ल
9 Inequalities समानता असमानता
10 Syllogism न्याय संगतता
11 Machine Input Output मशीन इनपुट आउटपुट
12 Series श्रंखला
13 Analogy दृश्य सदृश्यता
14 Classification वर्गीकरण
2 Coding सांकेतिक भाषा
3 Blood Relation रक्त सम्बन्ध
4 Direction दिशा सम्बन्ध
5 Ranking क्रम
6 Sitting Arrangement बैठकी व्यवस्थीकरण
7 Data Sufficiency कथन याथेष्ठता
8 Puzzles पज़ल
9 Inequalities समानता असमानता
10 Syllogism न्याय संगतता
11 Machine Input Output मशीन इनपुट आउटपुट
12 Series श्रंखला
13 Analogy दृश्य सदृश्यता
14 Classification वर्गीकरण
15 Statements & Conditions कथन एवं शर्ते
16 Statements & Course of Action कथन एवं कार्यवाही
17 Statement & Assumption कथन एवं पूर्ण धारणाए
18 Statement & Conclusion कथन एवं निष्कर्ष
19 Statement & Argument कथन एवं तर्क
20 Drawing Inferences अनुमान / पूर्वानुमान
21 Causes & Effects कारण एवं प्रभाव
16 Statements & Course of Action कथन एवं कार्यवाही
17 Statement & Assumption कथन एवं पूर्ण धारणाए
18 Statement & Conclusion कथन एवं निष्कर्ष
19 Statement & Argument कथन एवं तर्क
20 Drawing Inferences अनुमान / पूर्वानुमान
21 Causes & Effects कारण एवं प्रभाव
क्रोध, ग़ुस्सा, ताव
- ईर्ष्या और क्रोध से जीवन क्षय होता है। ~ बाइबल
- क्रोध को जीतने में मौन सबसे अधिक सहायक है | ~ महात्मा गांधी
- मूर्ख मनुष्य क्रोध को जोर-शोर से प्रकट करता है, किंतु बुद्धिमान शांति से उसे वश में करता है | ~ बाइबिल
- क्रोध करने का मतलब है, दूसरों की गलतियों कि सजा स्वयं को देना |
- जब क्रोध आए तो उसके परिणाम पर विचार करो | ~ कन्फ्यूशियस
- क्रोध से धनि व्यक्ति घृणा और निर्धन तिरस्कार का पात्र होता है | ~ कहावत
- क्रोध मूर्खता से प्रारम्भ और पश्चाताप पर खत्म होता है | ~ पाईथागोरस
- जो मन की पीड़ा को स्पष्ट रूप में नहीं कह सकता, उसी को क्रोध अधिक आता है | ~ रवीन्द्रनाथ ठाकुर
- क्रोध मस्तिष्क के दीपक को बुझा देता है | अतः हमें सदैव शांत व स्थिरचित्त रहना चाहिए | ~ इंगरसोल
1. संविधान के कौन से अनुच्छेद के अनुसार हिंदी को संघ की राजभाषा बनाया गया है ?
उत्तर:- अनुच्छेद 343 (1) के अनुसार हिंदी को संघ की राजभाषा और देवनागरी को लिपि बनाया गया है ।
2. राजभाषा नीति से संबंधित संवैधानिक व्यवस्था क्या है ?
उत्तर:- संविधान के अनुच्छेद 120, 210 एवं 343 से 351 राजभाषा नीति की संवैधानिक व्यवस्था से संबंधित हैं।
3. राजभाषा आयोग की स्थापना कब हुई थी ?
उत्तर:- राजभाषा आयोग की स्थापना वर्ष 1955 में हुई थी।
4. राजभाषा अधिनियम कब लागू हुआ ?
उत्तर:- राजभाषा अधिनियम वर्ष 1963 में लागू हुआ ।
5. राजभाषा अधिनियम 1963 की धारा 3(3) के अनुसार कितने और कौन-कौन से दस्तावेजों को द्विभाषी रूप में जारी किया जाना अनिवार्य है?
उत्तर:- राजभाषा अधिनियम 1963 की धारा 3(3) के अनुसार कुल 14 प्रकार के दस्तावेज यथा; सामान्य आदेश, अधिसूचनाएँ, संकल्प, नियम, संसद के समक्ष रखी जाने वाली प्रशासनिक रिपोर्टें, प्रशासनिक व अन्य रिपोर्टें, संविदाएँ, सरकारी कागज़ात, करार, अनुज्ञापन, परमिट, प्रेस विज्ञप्तियाँ, निविदा सूचना व निविदा फॉर्म संबंधी दस्तावेजों को द्विभाषी रूप में जारी किया जाना अनिवार्य है।
6. राजभाषा नियम कब से लागू हुए ?
उत्तर:- राजभाषा नियम वर्ष 1976 से लागू हुए।
7. राजभाषा नियमों की संख्या कितनी है ?
उत्तर:- राजभाषा नियमों की संख्या 12 है ।
पटवारी परीक्षा की तैयारी कैसे करे !

हाल ही में मध्य प्रदेश में राजस्व बिभाग के अंतर्गत पटवारी परीक्षा हेतु विज्ञप्ति जारी की गयी है । इस परीक्षा की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता ये है , कि यह परीक्षा ऑनलाइन होनी है । यह मध्य प्रदेश शासन कि पहली परीक्षा होगी जिसमे ऑनलाइन परीक्षा हो रही है । ऐसा इसलिए हो रहा है , क्योंकि पिछली पटवारी परीक्षा में बहुत अधिक धांधली होने की शिकायत मिली थी । अधिकाश परीक्षार्थियों के पास कंप्यूटर के डिप्लोमा नही थे । मगर इस बार ऑनलाइन परीक्षा होने से इस तरह के परीक्षार्थी स्वमेव ही अलग हो जायेंगे ।
भू अभिलेख एवं बंदोबस्त कार्यालय द्वारा इस परीक्षा का सिलेबस इस प्रकार दिया गया है :-
१- सामान्य ज्ञान २- सामान्य गणित एवं सामान्य अभिरुचि ३- सामान्य हिंदी ४- सामाजिक व्यवस्था ५- ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं पंचायती राज ६- कंप्यूटर दक्षता
अब ध्यान देने वाली बात ये है कि देखने में ये सिलेबस भले ही छोटा लगे मगर ये है बहुत बड़ा है , क्योंकि
१- सामान्य ज्ञान - इसके अंतर्गत
भारतीय इतिहास (प्राचीन, मध्यकालीन , आधुनिक ),
भूगोल (खगोलकी, विश्व एवं भारत का ),
अर्थशास्त्र (विश्व एवं भारत का ),
सामान्य विज्ञान ( जीव विज्ञान , रसायन , भौतिकी, वनस्पति विज्ञान , जंतु विज्ञान, पर्यावरण आदि )
समसामयिकी ( पिछले एक वर्ष की गतिविधिया )
खेल जगत ( प्रतियोगिताये , मैदान , नियम , खिलाडी , परिणाम आदि )
विविध ( विश्व एवं भारत में प्रथम , पुरष्कार एवं सम्मान, छोटा-बड़ा, ऊँचा-नीचा , संगठन-मुख्यालय , दिवस आदि )
इसी तरह सामान्य गणित एवं सामान्य अभियोग्य्ताओ के अंतर्गत-
सरलीकरण, संख्या पध्दति, भिन्न, लघुत्तम-महत्तम समापवर्तक, घातांक, प्रतिशत , लाभ -हानि , साधारण व्याज , चक्रवार्द्धि व्याज, औसत, अनुपात एवं समानुपात, साझेदारी, मिश्रण, समय एवं काम , नल और टंकी , समय-चाल और दूरी , क्षेत्र मिति
त्रिकोणमिति , ज्यामिति, वीज्गानित, क्रमचय-संचय, प्रायिकता , अनुक्रम , घडी , केलेंडर, सांख्यिकी, बट्टा, जोड़-घटाव, गुणा-भाग आदि
सामान्य हिंदी में
वर्णमाला, संज्ञा, सर्वनाम , क्रिया, विशेषण , काल , वचन , लिंग , वाक्य रचना, संधि, समास , छंद , रस, अलंकार , काव्य , काव्य के प्रकार , शब्द शक्ति , मुहावरे-लोकोक्तियाँ ,पर्यायवाची शब्द, समानार्थी शब्द , विलोम शब्द, अनेकार्थ शब्द , अनेक शब्दों के एक शब्द ,साहित्यिक रचनाये एवं काल आदि
इस तरह देखा जाये तो छोटा दिखने वाला ये सिलेबस बहुत बड़ा हो जाता है , और इसकी तैयारी के लिए मात्र एक माह का समय मिला है , जो कि बहुत कम है । अतः अब परीक्षार्थियों को बहुत सही ध्यान से चय्नाताम्क तरीके से अधिक परिश्रम करना होगा । क्योंकि अगर परीक्षार्थी पूरा सिलेबस पढने कि कोशिश करते है , तो असंभव है । सबसे सही तरीका चयनात्मक पढाई होगी । इसके लिए सही और सार्थक मार्दर्शन कि जरुरत होगी ।



