क्रोध, ग़ुस्सा, ताव
- ईर्ष्या और क्रोध से जीवन क्षय होता है। ~ बाइबल
- क्रोध को जीतने में मौन सबसे अधिक सहायक है | ~ महात्मा गांधी
- मूर्ख मनुष्य क्रोध को जोर-शोर से प्रकट करता है, किंतु बुद्धिमान शांति से उसे वश में करता है | ~ बाइबिल
- क्रोध करने का मतलब है, दूसरों की गलतियों कि सजा स्वयं को देना |
- जब क्रोध आए तो उसके परिणाम पर विचार करो | ~ कन्फ्यूशियस
- क्रोध से धनि व्यक्ति घृणा और निर्धन तिरस्कार का पात्र होता है | ~ कहावत
- क्रोध मूर्खता से प्रारम्भ और पश्चाताप पर खत्म होता है | ~ पाईथागोरस
- जो मन की पीड़ा को स्पष्ट रूप में नहीं कह सकता, उसी को क्रोध अधिक आता है | ~ रवीन्द्रनाथ ठाकुर
- क्रोध मस्तिष्क के दीपक को बुझा देता है | अतः हमें सदैव शांत व स्थिरचित्त रहना चाहिए | ~ इंगरसोल


